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झोलाछाप डॉक्टरों का फर्जीवाड़ा जारी — स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से बढ़ा खतरा ”

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हुए मौन तो कार्यवाही करे कौन

 

 

 

इटावा उदी, बढ़पुरा और पछायगांव क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों का बोलबाला, 12 सितंबर की कार्रवाई के बाद भी विभाग मौन

जनपद इटावा के थाना उदी, बढ़पुरा और पछायगांव क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ये कथित डॉक्टर बिना किसी डिग्री या लाइसेंस के खुलेआम क्लीनिक चला रहे हैं और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि 12 सितंबर को डिप्टी सीएमओ डॉ. यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन क्षेत्रों में छापेमारी की थी। जांच के दौरान उदी चौराहा बाह रोड स्थित राजपूत क्लीनिक, भदावर क्लीनिक, देव पैथोलॉजी और चकरनगर रोड स्थित डेंटल क्लीनिक को अवैध रूप से संचालित पाया गया था।

उस समय डिप्टी सीएमओ ने कहा था कि इन सभी क्लीनिकों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और रिपोर्ट सीएमओ डॉ. बी.के. सिंह को सौंपी जाएगी। साथ ही, एक विशेष जांच टीम गठित कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई थी।

लेकिन अब सवाल उठता है —

क्या 12 सितंबर से अब तक जांच टीम गठित नहीं हुई?

या फिर स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी इन झोलाछाप डॉक्टरों से ‘मोटा कमीशन’ लेकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल चुके हैं?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर विभाग ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग कब जागता है या फिर यह मामला भी भ्रष्टाचार की परतों के नीचे दबकर रह जाएगा।

जनता का सवाल साफ है “कार्रवाई कब होगी?”

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