भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती पर प्रेरणा द्वार का लोकार्पण,
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव रहे मौजूद सादगी व सामाजिक न्याय के संदेश के साथ हुआ आयोजन

दीपक शर्मा पत्रकार
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती पर प्रेरणा द्वार का लोकार्पण, सादगी व सामाजिक न्याय के संदेश के साथ हुआ आयोजन


बकेवर।
भारत रत्न से सम्मानित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती के अवसर पर 24 जनवरी 2026 को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी प्रेरणा द्वार का भव्य लोकार्पण सादगी और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर बकेवर सहित देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और माल्यार्पण के माध्यम से जननायक के सामाजिक न्याय और गरीबों के उत्थान के कार्यों को स्मरण किया गया।
जयंती समारोह के मुख्य अतिथि जिले के प्रथम नागरिक जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल उर्फ अभिषेक यादव जी रहे, जबकि माननीय विधायक राघवेंद्र गौतम जी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रेरणा द्वार का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री रामप्रसाद सविता जी, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उर्फ बबलू शाक्य जी, जिला प्रवक्ता विक्की गुप्ता जी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनीषा सविता जी (अध्यक्षता), विधायक प्रतिनिधि जीतू ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य गौरव यादव जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा रविंद्र सविता, सतीश सविता, अवधेश सविता, विधानसभा उपाध्यक्ष राजू यादव, चच्चू शुक्ला, हरिओम सविता नंदवंशी (जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा), लल्ला कठेरिया, राजकिशोर, पूर्व प्रधान पवन सविता, जिला सचिव समाजवादी पार्टी राकेश सविता, संजू सविता, कमलेश सविता, रोहित सविता, कैशनारायण, आनंद शाक्य, अशोक, पूर्व प्रधान टेनी सविता व पूर्व प्रधान सहित हजारों की संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, नेता तथा सविता समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर “जननायक कर्पूरी ठाकुर अमर रहें” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे।
जयंती के अवसर पर समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप सविता द्वारा गरीब व असहाय लोगों को 2000 कंबल वितरित किए गए, जिससे शीतकाल में जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सादगी की मिसाल और गरीबों के सच्चे महायोद्धा थे। समस्तीपुर के एक पिछड़े परिवार में जन्मे कर्पूरी ठाकुर ने मुख्यमंत्री पद को शोषितों और वंचितों की आवाज बनाया। वे अक्सर सचिवालय के बजाय सर्किट हाउस में आम लोगों के साथ बैठकर भोजन करते और उनकी समस्याएं सुनते थे। जाति से ऊपर उठकर समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा को उन्होंने अपना धर्म माना और राजनीति को धन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया।
उल्लेखनीय है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म 24 जनवरी 1924 को हुआ था। उनकी 102वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय, समानता और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।




