सड़क के नाम पर 1.45 लाख का घोटाला, चार माह बाद भी ज़मीन पर कुछ नहीं
सड़क बनाए बिना ही 1 लाख 45 हजार 204 रुपये की पूरी धनराशि निकाल ली गई, जबकि चार माह बीत जाने के बाद भी मौके पर सड़क का नामोनिशान तक नहीं है

*सड़क के नाम पर 1.45 लाख का घोटाला, चार माह बाद भी ज़मीन पर कुछ नहीं।*
*मॉर्निंग इंडिया न्यूज़ दीपक शर्मा जिला संवाददाता इटावा।*
*महेवा इटावा।*
महेवा विकास खंड की ग्राम पंचायत नागरीलोलपुर में आरसीसी सड़क निर्माण के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है।आरोप है कि सड़क बनाए बिना ही 1 लाख 45 हजार 204 रुपये की पूरी धनराशि निकाल ली गई, जबकि चार माह बीत जाने के बाद भी मौके पर सड़क का नामोनिशान तक नहीं है।वहीं ग्रामीणों के अनुसार यह
आरसीसी सड़क विपुल के प्लॉट से रामसुंदर के मकान तक बनाई जानी थी। पंचायत रिकॉर्ड में सड़क निर्माण पूरा दिखा दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि गली आज भी कच्ची पड़ी है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित कर दिया गया, जबकि सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया। भुगतान 24 अगस्त 2025 को कर दिया गया, लेकिन उसके बाद आज तक न तो सड़क बनी और न ही कोई ठोस कार्य दिखाई दिया।नागरीलोलपुर निवासी अनिल तिवारी, सुरेश चंद्र, सत्येंद्र कुमार तिवारी और आशीष तिवारी का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो पंचायत स्तर पर इस तरह के घोटाले लगातार होते रहेंगे।ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है।उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी जरूरत के साथ खिलवाड़ कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है, जो सीधे-सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है।।




