जनगणना प्रशिक्षण में परोसी गई ‘संदिग्ध फ्रूटी’, एक्सपायरी डेट से छेड़छाड़ के आरोप से मचा बवाल
राष्ट्रीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को वितरित किए गए एक्सपायरी पेय पदार्थ

जनगणना प्रशिक्षण में परोसी गई ‘संदिग्ध फ्रूटी’, एक्सपायरी डेट से छेड़छाड़ के आरोप से मचा बवाल
भरथना/इटावा।
राष्ट्रीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को वितरित किए गए पेय पदार्थ ने
बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशिक्षण में बांटी गई फ्रूटी के पैकेटों पर एक्सपायरी डेट मिटाए जाने के आरोप सामने आने के बाद शिक्षकों में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, भरथना स्थित ज्योति अकैडमी में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में दोपहर के समय अध्यापकों को पेय पदार्थ वितरित किए गए। उस समय उपजिलाधिकारी काव्या सी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। लेकिन जैसे ही कुछ शिक्षकों ने पैकेटों को ध्यान से देखा, कई फ्रूटी पैक पर अंकित एक्सपायरी डेट अस्पष्ट या मिटाई हुई नजर आई।
इस खुलासे के बाद मौके पर मौजूद शिक्षकों ने नाराजगी जताई और सवाल उठाए कि आखिर इस तरह का पेय पदार्थ प्रशिक्षण जैसे सरकारी कार्यक्रम में कैसे वितरित किया गया। शिक्षकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है।
मामले ने अब कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या एक्सपायर्ड माल खपाने की कोशिश की गई, या सप्लायर द्वारा प्रशासन को गुमराह कर पुराना स्टॉक उपलब्ध कराया गया? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो थोक व फुटकर विक्रेताओं के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पेय पदार्थ के सेवन से किसी की तबीयत बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे संदेह और गहरा गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।




