जसवंतनगर तहसील परिसर मे बाल श्रम का खुला खेल डिलीवरी करते स्कूली बच्चे
बाल श्रम पर प्रशासन हुआ मौन सरकार के बाल श्रम रोकथाम के सभी वादे हुए फेल


तहसील परिसर में RO प्लांट पर बाल श्रम का खुला खेल, स्कूली बच्चों से कराई जा रही डिलीवरी
राजकुमार की कलम से
जसवंतनगर। नगरपालिका क्षेत्र का सबसे संवेदनशील सरकारी परिसर तहसील भवन बाल श्रम की चपेट में यहां तक आ गया है। परिसर में संचालित एक RO वाटर प्यूरीफायर यूनिट द्वारा नाबालिग बच्चों से भारी पानी के कैन और बोतलें ढोवाकर डिलीवरी कराई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ बच्चे स्कूली ड्रेस में ही यह काम करते देखे गए, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सरकारी कार्यालय, राजस्व कर्मचारी, अधिवक्ता और नागरिकों की रोजाना आवाजाही वाले इस परिसर में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जहां प्रशासन बैठा हो, वहीं बाल श्रम की तस्वीरें कैसे नज़रअंदाज की जा रही हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों द्वारा किए जा रहे इस काम के पीछे हो सकता है उनकी आर्थिक मजबूरी हो, पर सवाल यह भी है कि क्या प्यूरीफायर संचालक उनकी नाबालिग उम्र और लाचारी का गलत फायदा उठा रहे हैं?
मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद श्रम विभाग हरकत में आया। श्रम अधिकारी ने स्वीकार किया कि मामला संज्ञान में लिया गया है और तत्काल कार्रवाई के लिए जांच टीम भेजी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि नाबालिगों से काम कराए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में इस तरह बाल श्रम का खुला उल्लंघन होना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता और गति से कार्रवाई करता है।




