झमाझम बारिश में भी नहीं टूटा ग्रामीणों का हौसला, चौथे दिन भी भूख हड़ताल जारी-रास्ता दो या मौत दो
ग्रामीण बैठे भूख हड़ताल पर चार दिनों मे कोई सुनवाई नहीं

झमाझम बारिश में भी नहीं टूटा ग्रामीणों का हौसला, चौथे दिन भी भूख हड़ताल जारी

इटावा। शैखूपुर जखौली गांव के रेलवे अंडरपास में लंबे समय से बने जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। झमाझम बारिश के बीच भी ग्रामीण अंडरपास के समीप भूख हड़ताल पर डटे रहे और “रास्ता दो या मौत दो” के नारे लगाते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास में कई-कई फीट पानी भरा रहने से शैखूपुर जखौली समेत आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित है। बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों के बाजार जाने, मजदूरी और रोजमर्रा के जरूरी कामों के साथ-साथ आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चौथे दिन भी न अधिकारी पहुंचे, न सत्ता पक्ष का नेता
लगातार चार दिन से चल रही भूख हड़ताल के बावजूद ग्रामीणों के अनुसार रविवार को भी कोई आला प्रशासनिक अधिकारी या सत्ता पक्ष का नेता मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने नहीं आया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मांग रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं।
बारिश में भी डटे रहे ग्रामीण
रविवार को झमाझम बारिश के बीच देव शरण, बरुआ संजीव तिवारी, अनुज तिवारी, पवन बरुआ और ओम दत्त चतुर्वेदी समेत अन्य ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठे रहे। बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों के हौसले में कोई कमी नहीं दिखाई दी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि “रास्ता मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।”
आश्वासन नहीं, अब चाहिए स्थायी समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे अंडरपास के निर्माण के दौरान जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है और लंबे समय तक निकासी नहीं हो पाती। पानी जमा रहने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बनी रहती है।
मिशन संयोजक एवं समाजसेवी दीपक राज के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर जल निकासी का स्थायी समाधान चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल और धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि चार दिन से जारी आंदोलन के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते हैं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। झमाझम बारिश के बीच जारी भूख हड़ताल ने प्रशासन और रेलवे के सामने ग्रामीणों की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




