प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने उतारा पति को मौत के घाट, नींद की गोलियां पिलाकर गला घोंटा; 10 घंटे में पुलिस ने खोला हत्याकांड का राज
इटावा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार; गमछा, मोबाइल और सोने की अंगूठी बरामद

प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने उतारा पति को मौत के घाट, नींद की गोलियां पिलाकर गला घोंटा; 10 घंटे में पुलिस ने खोला हत्याकांड का राज
इटावा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार; गमछा, मोबाइल और सोने की अंगूठी बरामद
इटावा। थाना सिविल लाइन क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड का इटावा पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसी खौफनाक साजिश रची कि हर कोई दंग रह गया। पहले पति को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया गया और फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना को हादसा दिखाने के लिए शव को छत से कमरे में फेंक दिया गया, लेकिन पुलिस की सटीक जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को ग्राम तोड़ा निवासी सुधर सिंह ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया कि उनके 35 वर्षीय पुत्र आनंद उर्फ महबूब का शव 12 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर के कमरे में मिला था। उन्होंने आशंका जताई कि पुत्र की हत्या उसकी पत्नी आशिकी देवी ने अपने किसी साथी के साथ मिलकर की है। तहरीर के आधार पर थाना सिविल लाइन में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी आशिकी देवी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसकी शादी करीब 14 वर्ष पहले आनंद से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले शिवम से उसके अवैध प्रेम संबंध बन गए। पति द्वारा विरोध किए जाने पर उसने पहले भी शिवम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके चलते वह जेल गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों फिर संपर्क में आ गए, लेकिन आनंद को इस संबंध की भनक लग गई और वह दोनों पर नजर रखने लगा।
पति को अपने रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा मानते हुए आशिकी और शिवम ने उसकी हत्या की साजिश रची। योजना के तहत घटना वाली रात आशिकी ने पति के पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिला दीं। जब आनंद बेहोश हो गया तो उसने शिवम को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर गमछे से उसका गला घोंट दिया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को छत से नीचे कमरे में फेंक दिया। इसके बाद शिवम बाहर से दरवाजे की कुंडी लगाकर फरार हो गया, ताकि मामला हादसा प्रतीत हो।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना सिविल लाइन पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटना के मात्र 10 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा, मृतक की सोने की अंगूठी, साजिश रचने में इस्तेमाल एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा गुप्त बातचीत के लिए दिया गया कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी आशिकी देवी तथा उसका प्रेमी शिवम पुत्र जगत सिंह निवासी ग्राम तोड़ा शामिल हैं। शिवम को लौयन सफारी मार्ग स्थित केदारेश्वर मंदिर के आगे से गिरफ्तार किया गया। मामले में नई धाराएं बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस सफल खुलासे में प्रभारी निरीक्षक कंचन कुमार मिश्रा सहित थाना सिविल लाइन पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




