E-Paperhttps://morningindianews.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedक्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

प्रतिबंधित माहबंदी में मछली बिक्री पर शिकंजा, इकदिल में मत्स्य विभाग की छापेमारी

कार्रवाई के बाद विक्रेता ने लगाए गंभीर आरोप

प्रतिबंधित माहबंदी में मछली बिक्री पर शिकंजा, इकदिल में मत्स्य विभाग की छापेमारी; कार्रवाई के बाद विक्रेता ने लगाए गंभीर आरोप

इटावा/इकदिल। प्रतिबंधित माहबंदी के दौरान मछली बिक्री की सूचना पर मत्स्य विभाग ने इकदिल में बड़ी कार्रवाई करते हुए मछली विक्रेता भानू की दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान दुकान से आठ पेटी मछलियां बरामद हुईं, जिन्हें विभाग ने जब्त कर लिया। नियमों के अनुसार प्रतिबंधित अवधि में मछली का शिकार करना और उसकी बिक्री करना प्रतिबंधित है।

जब्त की गई मछलियों की विभाग ने मौके पर ही खुली नीलामी कराई। नीलामी में भाग लेने वाले सभी बोलीदाताओं से एक-एक हजार रुपये सुरक्षा राशि के रूप में जमा कराए गए। अंततः 14,500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाने वाले इटावा के एक मछली व्यापारी को पूरी खेप सौंप दी गई। विभाग ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मछलियां खरीदार के सुपुर्द कर दीं।

कार्रवाई के बाद मछली विक्रेता भानू निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निषाद समाज के कुछ लोगों ने उनसे 7,000 रुपये की मांग की थी। उनका आरोप है कि रुपये नहीं देने पर मत्स्य विभाग को बुलाकर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही मत्स्य विभाग की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी किया गया है।

फिलहाल, पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक ओर विभाग इसे प्रतिबंधित माहबंदी के दौरान अवैध मछली बिक्री के विरुद्ध नियमित कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर विक्रेता इसे साजिश और कथित वसूली का मामला बता रहे हैं। मामले की वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!